दंतेवाड़ा! आपका लक्ष्य विवादों में है


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सुनो सरकार! आपका लक्ष्य विवादों में है – चुनाव की बात नहीं, लक्ष्य प्रतियोगी परीक्षा संस्थान है सवालों के घेरों में – 96 लाख पहले व्यय, इस वर्ष शिक्षण के लिए एक करोड़ से अधिक पर तैयार हुआ निर्माण आईएएस – क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत छात्रों ने कलक्टर से की, चर्चा एक छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने की भी – निर्माण के संचालक ने निदेशक से छीनी कुर्सी, नए हाथों में दी गई बागडोर

दंतेवाड़ा। (बस्तर क्रांति बिग ब्लास्ट) आदिवासी आंचल में जिस सोच के साथ सरकार ने लक्ष्य साधा था वह पूरा नही हो रहा है। यहां बात 2018 के चुनाव की नही हो रही है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाली लक्ष्य संस्था सवालों के घेरे में है। क्षेत्रीय निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने आदिासी आंचल के बच्चों के साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया। छात्रों ने अपने अपमान की बात कलक्ट सौरभ कुमार के पास रखी। इस श्किायत के बाद से संस्था में उथल-पुथल मची हुई है। बच्चों की शिकायत में एक बड़ा आरोप भी शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने जिस संस्था को आईएएस और आईपीएस तैयार कराने की जिम्मेदारी दी है, उसका नाम निर्माण आईएएस है। इस संस्था के क्षेत्रीय निदेशक पर आरोप है कि उन्होंने एक छात्रा को अश्लील मैसेज भेजा है। विवादों में आने के बाद निर्माण आईएएस के संचालक केडी सिंह ने तत्काल क्षेत्रीय निदेशक की छुट्टी कर दी और नए हाथों में बागडोर सौंप दी। संचालक किसी भी कीमत में दो करोड़ के धंधे को प्रभावित नहीं करना चाहता है। बताया जाता है कि प्रशासन ने इस बार का कॉन्ट्रेक्ट एक करोड़ पांच लाख रुपए में किया है। हालांकि इस बड़ी राशि के बाद भी एक भी सिलेक्शन यूपीएससी में नहीं हुआ है। ताज्जुब की बात तो यह है कि संस्था से जुड़ा कोई भी छात्र प्रारंभिक परीक्षा भी पास नही कर पाया। इसी संस्था पर 2017 में प्रशासन ने 96 लाख रुपए लुटाए। नतीजा वही रहा, ढाक के तीन पात।
निर्माण आईएएस संस्था और आईएएस का भाई हाने की वजह से दबा मामला निर्माण आईएएस संस्था कोचिंग मंडी में अपनी एक विशेष पहचान रखती है। इस संस्था का इश्तहार कहता है कि उसने देश को अपनी कोचिंग से दर्जनों आईएएस और आईपीएस दिए है। आईएएस निर्माण करने वाली संस्था का जाहिर सी बात है रुतबा भी बड़ा होगा। यह बड़ी वजह है इस लिए मामला दबा हुआ है। दूसरी बड़ी वजह यह बताई जा रही है, जिस क्षेत्रीय निदेशक पर आरोप लगे हैं वह एक आईएएस का भाई बताया जा रहा है। ये। आईएएस किसी दूसरे प्रांत में पदस्थ है।
बिना कोचिंग कॉन्ट्रेक्ट के लक्ष्य संस्था ने तैयार किए थे भविष्य आदिवासी आंचल में इस प्रतियोगी परीक्षा संस्था की नींव तत्कालीन कलक्टर केसी देव सेनापति ने रखी थी। उनका लक्ष्य था पटवारी से लेकर राजकीय प्रशासनिक अधिकारी तैयार करना। उनकी यह मंशा फलीभूत भी हुई। संस्था से डीएसपी, लेखाधिकारी, बैंक मैनेजर सहित दर्जनों पटवारी तैयार हुए। कलक्टर सेनापति के तबादले केबाद भी वर्तमान कलक्टर सौरभ कुमार ने इस पद्धति को बनाए रखा और स्थानीय युवाओं के लिए मुफ्त आवासीय व्यवस्था भी की। लेकिन जिले में बतौर सीईओ आईएएस गौरव सिंह ने इस संस्था को बड़ा सपना दिखाया। दिल्ली की निर्माण आईएएस कोचिंग के साथ अनुबंध करते यूपीएससी की कक्षाएं शुरू करवा दी। इस बड़े सपने में छोटे पदों के की तैयारियां भी काफूर हो गई।


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